चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

शनिवार, 7 जनवरी 2017

उर्जित पटेल को फंसा कर मोदी जी का प्रभु-कीर्तन

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-अरुण माहेश्वरी भारी उन्माद के साथ नोटबंदी की घोषणा और पिछले दो महीने से अब तक चल रहे अर्थ - व्यवस्था के विध्वंस...
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Arun Maheshwari
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