विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।
शनिवार, 22 अप्रैल 2017
गुरुवार, 20 अप्रैल 2017
बुधवार, 19 अप्रैल 2017
सोमवार, 17 अप्रैल 2017