चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

गुरुवार, 26 जुलाई 2018

गुरुवर नामवर सिंह

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- अरुण माहेश्वरी   आज गुरु   पूर्णिमा है । इस मौके पर दिल्ली में जेएनयू में नामवर सिंह के ‘ जीवन और साहित्य के ...
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Arun Maheshwari
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