चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

सोमवार, 28 दिसंबर 2020

किसान आंदोलन, किसान सभा और राजनीतिक पार्टियाँ

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 —अरुण माहेश्वरी भारत के वर्तमान किसान आंदोलन ने अपनी जो खास गति पकड़ ली है उससे आज लगता है जैसे भारत का पूरा राजनीतिक संस्थान हतप्रभ है । स...
शुक्रवार, 25 दिसंबर 2020

किसानों का यह संघर्ष ही भारत के आर्थिक संकट के निदान की कुंजी है

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 - अरुण   माहेश्वरी   भारत   में   ग्रामीण   अर्थ - व्यवस्था   के   साथ   पूँजीवाद   का   संबंध   उपनिवेश   और   औपनिवेशिक   शक्ति   के   बी...
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Arun Maheshwari
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