चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

सोमवार, 12 अप्रैल 2021

बंगाल में बीजेपी के बारे में प्रशांत किशोर का आकलन अतिशयोक्तिपूर्णलगता है

›
  - अरुण   माहेश्वरी   बीजेपी   को  2019  के   लोकसभा   चुनाव   में   बंगाल   में  40  प्रतिशत   मत   मिले   थे   ।   वह 2016  के   विधान   ...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

Arun Maheshwari
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.