चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

रविवार, 28 नवंबर 2021

शक्ति और कमजोरी साथ-साथ

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आज   के  ‘ टेलिग्राफ ’  में   मनोविकारों   के   बारे   में   एक   शोध   संबंधी   रिपोर्ट  ‘A Darwinian Paradox’  में   बताया   गया   है   कि...
1 टिप्पणी:
शुक्रवार, 26 नवंबर 2021

पृथा की सफलता पर :

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आज   हम   बेइंतहा   ख़ुश   है   ।   पृथा   पिछले   कई   सालों   से   दर्शन ,  गणित   और   कविता के   संश्लिष्ट   संसार   से   जुड़े   जिस   ...
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Arun Maheshwari
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