चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

रविवार, 27 अप्रैल 2025

एआई के युग में ज्ञान का प्रवाह और पूंजी का आत्मविस्तार

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  (ग्रोक, मेटा और जैविक बौद्धिकता पर एक विमर्श की प्रस्तावना) −अरुण माहेश्वरी अभी जब मैं अलग-अलग एआई मॉडलों के काम करने के तरीक़ों को देखता ...
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शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025

भारत-पाकिस्तान संबंध और रणनीतिक प्राथमिकताएं: ग्रोक के साथ विचारोत्तेजक संवाद का पूरा विवरण

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  अरुण माहेश्वरी : भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को स्थगित रखने की घोषणा की है । क्या यह खुद में सिवाय एक गीदड़ भभकी से ज्...
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Arun Maheshwari
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