विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।
बुधवार, 29 जुलाई 2015
गुरुवार, 9 जुलाई 2015
मंगलवार, 7 जुलाई 2015
शुक्रवार, 3 जुलाई 2015
सोमवार, 11 मई 2015