चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

गुरुवार, 10 मार्च 2016

इसे कहते हैं - निखालिस ‘बौद्धिक कमीनापन’ !

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-अरुण माहेश्वरी कोई यदि किसी के बारे में कहे कि वह है तो बहुत दुष्ट और पाजी भी। मुंह का खराब, शराबी, जुआड़ी और औरतबाज भी। यहां तक...

हिटलर और व्यवसायी वर्ग

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-अरुण माहेश्वरी विलियम शिरेर की किताब The Rise and Fall of Third Reich में हिटलर और जर्मनी के पूँजीपतियों के बीच सम्बन्धों का ...
सोमवार, 7 मार्च 2016

हिटलर से उम्मीद बांधे कलाकारों की ट्रेजेडी की कहानी

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-अरुण माहेश्वरी यह टिप्पणी कला और संस्कृति के क्षेत्र के उन लोगों के लिये है, जिनके मन में अभी भी मोदी जी और उनकी सरकार...
शुक्रवार, 4 मार्च 2016

जेएनयू संघर्ष के जरिये भारत में एक नये जनतांत्रिक वामपंथ का बीजारोपण हुआ

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अरुण माहेश्वरी जेल से रिहाई के बाद कल, 3 मार्च को जेएनयू परिसर में कन्हैया कुमार के भाषण को देश और दुनिया के करोड़ों लोग सुन चुके हैं, स...
रविवार, 28 फ़रवरी 2016

‘हमें न्यायालय में पूरी आस्था है !’

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कन्हैया को बंदी बने पंद्रह दिन बीत गये हैं। उसे जब गिरफ्तार करके दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में पेश किया गया और कुछ गुंडा वकीलों ने उस...
शनिवार, 27 फ़रवरी 2016

संसद में बजट पेश किये जाने की पूर्व बेला में विचार का एक बिंदु :

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हमारे मित्र अजय तिवारी ने लिखा - "यूरोप फिर भयानक मंदी से घिर रहा है। 2008 की मंदी पूरी तरह ख़त्म हुई नहीं थी और यह नया दौर आन पड़ा।उनक...
रविवार, 21 फ़रवरी 2016

अंबर्तो इको नहीं रहे

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आज की दुनिया के एक सर्वाधिक चर्चित विचारक, दार्शनिक, उपन्यासकार, भाषाशास्त्री, साहित्यकार और जीवन के सभी क्षेत्रों में चिरस्थायी से दिखा...
शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2016

‘‘यह अंधेरा ही आज के टीवी की तस्वीर है’’

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http://www.ndtv.com/video/player/prime-time/prime-time-that-we-can-hear-what-we-say/404451 क्या जुल्मतों के दौर में भी गीत गाये जायें...

हार्पर ली नहीं रही

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'To Kill a Mockingbird' उपन्यास की किंवदंती लेखिका हार्पर ली नहीं रही । पचपन साल पहले एक काले परिवार को नस्लवादियों की घृणा से ब...

अभूतपूर्व कृषि संकट

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आज हम एक अभूतपूर्व कृषि संकट के मुहाने पर पहुंच चुके हैं। प्रतीकों और लफ्फाजियों में जीने वाली मोदी सरकार गांवों में अकाल और सूखे का भी नया...

हरियाणा को संभालने फौज

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जल रहे हरियाणा को संभालने फौज जा रही है। जेएनयू के प्रकरण में संघ परिवारियों की ओर से छात्रों के खिलाफ प्रचार के लिये कुछ फौजियों को उतारा...
मंगलवार, 16 फ़रवरी 2016

जे एन यू परिघटना पर लेखकों का बयान

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http://jantakapaksh.blogspot.in/2016/02/blog-post_17.html बुधवार, 17 फ़रवरी 2016 हम हिन्दी के लेखक देश के प्रमुख विश्वविद्यालय जवाहरलाल...

विचारशून्यता की खाई में कार्यकर्ता

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अरुण माहेश्वरी आरएसएस की हमेशा से एक मूलभूत अवधारणा है कि भारत में हिंदू ही राष्ट्र है, और हिंदू भी सिर्फ वे हैं जो आरएसएस के साथ हैं। ...

सीपीआई(एम) में फिर एक बार गहरा आंतरिक संकट

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सीपीआई(एम) के पोलिट ब्यूरो की अभी चल रही बैठक में विचार का सबसे महत्वपूर्ण विषय यह है कि पश्चिम बंगाल में वह कांग्रेस के साथ मोर्चा बना कर...

अंतरीक्ष में गुरुत्वाकर्षण तरंगें अब एक प्रत्यक्ष सचाई है

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11 फरवरी 2016। अमेरिका की दो भीमकाय दुरबीनों ने आज गुरुत्वाकर्षण तरंगों को देख लिया और वैज्ञानिकों ने उस तूफान के तुमुल कोलाहल को सुन लि...
रविवार, 31 जनवरी 2016

एक नये विमर्श का प्रस्ताव

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-अरुण माहेश्वरी उर्मिलेश उर्मिल ने अपनी फ़ेसबुक वाल पर लिखा - " हैदराबाद नगर महापालिका के लिये चुनाव प्रचार इन दिनों चरम पर है. २ फ...
शनिवार, 30 जनवरी 2016

कृत्रिम बुद्धि के युग में अर्थशास्त्र

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- अरुण माहेश्वरी ( चतुर्दिक श्रृंखला - 3, प्रतिद्वंद्विता से इजारेदारी तक की भूमिका ) जब यथार्थ एक प्रकार के स्थायी अवशेष सा दिखाई दे...
बुधवार, 27 जनवरी 2016

‘मां सरस्वती’ के वरद् पुत्र अज्ञेय

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-अरुण माहेश्वरी आलोचना जब अपने विषय में पूरी तरह डूब कर रह जाती है, कहा जाए, प्रेयस् में खो जाती है, वह आलोचना नहीं रहती, अनालोचन...
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Arun Maheshwari
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