चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

रविवार, 28 अक्टूबर 2018

यशवंत सिन्हा और जयंत सिन्हा और पिता-पुत्र संबंधों का सवाल

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—अरुण माहेश्वरी कल (27 अक्तूबर 2018 को) ही एनडी टीवी पर यशवंत सिन्हा का एक साक्षात्कार देख रहा था । उसमें उनसे पूछा गया कि उनका अति श...
शनिवार, 27 अक्टूबर 2018

जनतंत्र का अर्थ है तानाशाही का प्रतिरोध

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(सीबीआई मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का संदेश) —अरुण माहेश्वरी सीबीआई मामले में सुप्रीम कोर्ट के कल के फैसले के बाद अरुण जेटली ने...
मंगलवार, 23 अक्टूबर 2018

आगामी 29 अक्तूबर के झरोखे से दिखता भारतीय जनतंत्र का भविष्य

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—अरुण माहेश्वरी  सुप्रीम कोर्ट ने कल (23 अक्तूबर को) एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया । मुख्य न्यायाधीश की दो जजों की बेंच ने चुनाव आयोग क...
रविवार, 21 अक्टूबर 2018

जुनूनी संगठन की विक्षिप्तता

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—अरुण माहेश्वरी मोहन भागवत की राजनीतिक सरगर्मियां अचानक काफी बढ़ गई हैं, इसे कोई भी देख सकता है । ज्यों-ज्यों 2019 नजदीक आ रहा है, वे ...
शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2018

कानून बना कर राममंदिर बनाने की बात शुद्ध राजनीतिक धोखा है

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-अरुण माहेश्वरी आरएसएस प्रमुख ने फिर एक बार मोदी की गिरती साख के चलते बदहवासी में राममंदिर का मुद्दा उछाला है । अन्य कई विमूढ़ लोगों क...
मंगलवार, 9 अक्टूबर 2018

'पटाखा' फिल्म पर एक राजनीतिक चर्चा

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—अरुण माहेश्वरी इसे संयोग नहीं तो क्या कहेंगे ! दो दिन पहले ही सीपीआई(एम) की केंद्रीय कमेटी की बैठक के संदर्भ में अपनी एक टिप्पणी मे...
सोमवार, 8 अक्टूबर 2018

‘...अंजामे गुलिश्ता क्या होगा !’

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(भारत में भी ‘मी टू’ आंदोलन की जोरदार थपेड़ें ) —अरुण माहेश्वरी ‘मी टू' अभियान ने क्रमश: भारत में अपने विस्तार के संकेत देने शुरू...

पांच राज्यों के चुनावों के पहले ही मोदी की अपराजेयता का आतंक टूटने लगा है

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—अरुण माहेश्वरी पांच राज्यों के चुनावों की घोषणा हो चुकी है । आगामी 22 नवंबर से मतदान शुरू होगा और 11 दिसंबर को सभी राज्यों के परिणाम ...
शनिवार, 6 अक्टूबर 2018

सीपीएम के ‘बहुमतवादी’ नेताओं को पूरा संतुलन खोने से बचना चाहिए !

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-अरुण माहेश्वरी 'द वायर’ ने दिल्ली स्थित एक पत्रकार के. बेनडेक्त का दो दिन पहले एक लेख जारी किया था - ‘केरल में कांग्रेस का भूत प...
शनिवार, 29 सितंबर 2018

प्रभुत्व’ पद की जड़ समझ से उत्पन्न एक ऊबाऊ सैद्धांतिक बकवास

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- अरुण माहेश्वरी अंतोनियो ग्राम्शी का दिया हुआ वामपंथी विचारधारात्मक विमर्श में सबसे अधिक दुरुपयुक्त पद है - ‘ प्रभुत्व...
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Arun Maheshwari
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