चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

सोमवार, 25 फ़रवरी 2019

पाकिस्तान को भारतीय वायुसेना का एक करारा जवाब और इसके राजनीतिक निहितार्थ

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- अरुण माहेश्वरी पाकिस्तान के बालाकोट में अंदर घुस कर पाक सेना के अड्डों पर भारतीय वायु सेना का हमला पुलवामा क...

‘अपना टाइम आयेगा’ की कविता

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- अरुण माहेश्वरी   ‘ अपना टाइम आयेगा ’ - जुनून की नैतिकता का आप्त कथन । प्रमाद ग्रस्त आदमी विद्रोह के जरिये सामान्...
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Arun Maheshwari
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