चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

बुधवार, 5 अगस्त 2020

राम मंदिर के शिलान्यास का भव्य सरकारी आयोजन किस बात के संकेत देता है ?

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­अरुण माहेश्वरी आज सभ्यता के सबसे बड़े संकट कोरोना के काल में भारत में राम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास का जो भव्य आडंबरपूर्ण कार्यक्रम संपन्...
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रविवार, 2 अगस्त 2020

शमशेर की एक कविता का विखंडन

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- अरुण   माहेश्वरी   (‘ समालोचन   डाट   कॉम ’  में   शमशेर   की   कविता  ‘ टूटी   हुई ,  बिखरी   हुई ’  पर   सविता   सिंह   के   लेख   के   ...
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Arun Maheshwari
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