चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

शुक्रवार, 13 अगस्त 2021

बंगाल में सीपीएम की लाचार स्थिति पूरे विषय की गहरी अन्वीक्षा की मांग करती है

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— अरुण   माहेश्वरी ऐसा   लगता   है   कि   जैसे   बंगाल   में   सीपीआई ( एम )  अपना   सब   कुछ   लुटा   कर   अब   होश   में   आने   की   तरह ...
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Arun Maheshwari
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