चतुर्दिक

विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।

बुधवार, 25 जनवरी 2017

पांच राज्यों के चुनाव और भारतीय वामपंथ की उहापोह

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-अरुण माहेश्वरी भारतीय राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के अलावा एक तीसरी महत्वपूर्ण शक्ति है वामपंथ, जिसकी एक से अधिक राज्यों में सरकारे...
रविवार, 15 जनवरी 2017

यूपी चुनाव और संसदीय राजनीति

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-अरुण माहेश्वरी ग्यारह मार्च अर्थात उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम का दिन इस बार भारत की राजनीति का एक ऐसा नया संयोग बिंदु साबित हो सकता...
शुक्रवार, 13 जनवरी 2017

दुनिया की संसदीय राजनीति में उत्तर प्रदेश के चुनाव

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-अरुण माहेश्वरी ग्यारह मार्च अर्थात उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम का दिन, इस बार भारत की राजनीति का एक ऐसा नया संयोग बिंदु साबित ह...
बुधवार, 11 जनवरी 2017

पुस्तकों के प्रकाशन में सरकार की ओर से कोई भी बाधा अनैतिक है

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-अरुण माहेश्वरी नई दिल्ली के विश्व पुस्तक मेले से घूम कर आने वाले कुछ मित्रों ने बताया है कि मोदी सरकार पुस्तकों के प्रकाशन में बाधाए...
मंगलवार, 10 जनवरी 2017

नया साल नोटबंदी के ज़ख़्मों को भरने का साल होगा

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-अरुण माहेश्वरी नोटबंदी के बाद, 31 दिसंबर को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में मोदी जी ने जो प्रमुख बात कही वह थी बैंकों को उनका परामर्श क...
सोमवार, 9 जनवरी 2017

प्रवासी दिवस के दौरान मोदी-जेटली युगल-जोड़ी का प्रदर्शन

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(मानवरूपी इस नई प्रजाति को देख कर मुग्ध थे वे ‘भारत प्रेमी’) -अरुण माहेश्वरी महात्मा गांधी  9  जनवरी के दिन दक्षिण अफ्रीका ...
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