विषय पर केंद्रित होने पर स्वयं विषय का स्वरूप बदल जाता है (द्वंद्वात्मक भौतिकवाद में मनन का स्थान ) ; विकल्प का निर्विकल्प में विश्रांति ही तत्व है ; इस प्रकार उत्तरोत्तर विश्रांति के द्वारा अपना स्वरूप स्फुट होता है - यह शेष है ।
शुक्रवार, 11 सितंबर 2015
सोमवार, 7 सितंबर 2015
रविवार, 6 सितंबर 2015
शनिवार, 5 सितंबर 2015
बुधवार, 2 सितंबर 2015
रविवार, 16 अगस्त 2015